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Monday, June 29, 2020

अब बॉलीवुड डिज्नी + हॉटस्टार में मूवीज लॉन्च करने जा रहा है जिसमे सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म "दिल बेचारा " भी होगी।

Disney+Hotstar
बॉलीवुड डिज्नी + हॉटस्टार- "लक्ष्मी बम","दिल बेचारा "&"भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया"  मूवीज लॉन्च 


 👉लक्ष्मी बम’, ‘भुज , सड़क- 2’, अन्य बॉलीवुड फिल्में  डिज्नी + हॉटस्टार की प्रमुख मूवीज में हैं।

👉डिज्नी + हॉटस्टार मल्टीप्लेक्स की पहली फिल्म तथा सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म "दिल बेचारा " होगी, जिसकी 24 जुलाई से स्ट्रीमिंग शुरू होगी।

👉इसके साथ ही अक्षय कुमार की "लक्ष्मी बम", आलिया भट्ट की "सड़क 2" और अजय देवगन की "भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया" शामिल हैं, बॉलीवुड की उन फिल्मों में से एक हैं, जो धारावाहिक डिज़नी / हॉटस्टार पर सीधी रिलीज़ के लिए लीड कर रही हैं, क्योंकि लॉकडाउन के कारण अभी थिएटर बंद हैं।

 

💗डिज्नी + हॉटस्टार मल्टीप्लेक्स की पहली फिल्म तथा सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म "दिल बेचारा " होगी, जिसकी 24 जुलाई से स्ट्रीमिंग शुरू होगी। दिवंगत अभिनेता की विरासत को सम्मानित करने के उद्देश्य से, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म फिल्म को नॉन सब्सक्राइबर्स के लिए भी उपलब्ध करा रहा है।

 

🔰डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सीधा रिलीज़ पाने वाले अन्य मूवीज में अभिषेक बच्चन-स्टारर "द बिग बुल", विद्युत जामवाल की "खुदा हाफ़िज़" और "लुटकेस" में कुणाल केमू और रसिका मुगल शामिल हैं।  

डिज़नी + हॉटस्टार मल्टीप्लेक्स द्वारा की गई पहल में  "फर्स्ट डे फर्स्ट शो की होम डिलीवरी"  का उद्देश्य कोरोनोवायरस के नेतृत्व वाले शटडाउन के मद्देनजर मध्य मार्च से रुकने वाले थिएटर अनुभव को फिर से फील कराना है। 

ये फिल्म जुलाई और अक्टूबर के बीच स्ट्रीमर पर रिलीज़ होगी। 

👉अक्षय ने कहा कि वह डिज्नी + हॉटस्टार वीआईपी पर "लक्ष्मी बम" की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

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"लक्ष्मी बम" में अक्षय कुमार

फिल्म मुझे बहुत प्रिय है क्योंकि यह पहली बार मेरे द्वारा किए गए कुछ अनोखे प्रयास हैं! यह हॉरर और हास्य का एक मनोरंजक मेलजोल है और इसमें एक मजबूत सामाजिक संदेश जुड़ा हुआ है! मुझे यकीन है कि यह फिल्म इन कोशिशों के समय में सभी के लिए खुशी और उम्मीद लाएगी, ”उन्होंने एक बयान में कहा।

 

👉अजय देवगन ने कहा कि इस पहल के माध्यम से लोग एक बार फिर से नई फिल्म रिलीज की उम्मीद करेंगे।

अजय देवगन "भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया"
अजय देवगन "भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया"

कोरोना महामारी ने हमारे सारे आराम की दुनिया को तहस-नहस कर दिया। और, एक ही समय में ओटीटी माध्यम जो काफी नई घटना थी, ने एक बड़ा महत्व प्राप्त किया, जहां तक ​​कि मनोरंजन का उपभोग करना है। भविष्य में, थिएटर और ओटीटी समानांतर में चलेंगे। 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' डिज्नी + हॉटस्टार वीआईपी पर - एक ऐसा मंच, जो हमारी फिल्म को देश की लंबाई और चौड़ाई में प्रदर्शित करेगा, "अभिनेता ने कहा।

 

👉आलिया, जो "सड़क २" में अभिनय करती हैं, जो उनके पिता, अनुभवी फिल्म निर्माता महेश भट्ट की 1991 की इसी नाम की फिल्म की अगली कड़ी है, ने कहा कि फिल्म उनके दिल के बहुत करीब है।

यह मेरे पिता के साथ काम करने का मेरा पहला मौका था, जो इस सपने को सच करता है। ये असाधारण और मुश्किल समय हैं और हम सभी इसके माध्यम से प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं, प्रत्येक दिन एक समय में ले रहे हैं। मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि एक फिल्म निर्माता की जगह दर्शकों की पसंद है, ”उसने कहा।

 

👉अभिषेक ने कहा कि फिल्मों और शानदार कहानी के माध्यम से किसी का मनोरंजन करने में सक्षम होने की खुशी से बड़ा कुछ नहीं है और यह वही है जो  'द बिग बुल करेगा; यह दर्शकों को अंत तक झुकाए रखेगा। मुझे खुशी है कि फिल्म डिज्नी + हॉटस्टार वीआईपी जैसे एक मंच पर लॉन्च होगी जहां देश भर के लोग रिलीज होने पर इसका आनंद ले सकेंगे।

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उदय शंकर, अध्यक्ष, वॉल्ट डिज़नी कंपनी APAC और अध्यक्ष, स्टार और डिज़नी इंडिया, ने कहा कि जैसे ही टीम ने डिज़्नी + हॉटस्टार मल्टीप्लेक्स को लॉन्च किया, वे अभी तक बॉलीवुड की सबसे बड़ी कंपनी को सीधे लाखों में लाकर एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की कगार पर हैं। देश भर में: थिएटर एक विशेष अनुभव है। इसलिए, वे हमेशा मौजूद रहेंगे और पनपेगें। लेकिन उद्योग की क्षमता जारी की गई खिड़कियों और सिनेमाघरों की संख्या से पूरी नहीं हो सकती है।

 

हमारी पहल थियटर रूप से फिल्मों की संख्या में वृद्धि कर सकती है, जिससे फिल्म-प्रेमियों को आनंद लेने के लिए और अधिक फिल्में बनाने के लिए रचनात्मक फिल्में मिलेंगी। हमारा दृढ़ विश्वास है कि यह भारत में बनने वाली अधिक और विभिन्न प्रकार की फिल्मों के लिए एक विशाल गति उत्पन्न करेगा। यह सभी के लिए एक जीत है, ”शंकर ने कहा।

 

महामारी ने बॉलीवुड के रिलीज कैलेंडर को एक विकल्प के रूप में स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों पर देखने वाले निर्माताओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। 


शूजीत सरकार ने इससे पहले अमिताभ बच्चन-आयुष्मान खुराना स्टारर "गुलाबो सीताबो" को अमेजन प्राइम पर रिलीज़ किया, जिसने विद्या बालन की शकुंतला देवी की बायोपिक और "पेंगुइन", "लॉ", "फ्रेंच बिरयानी" और "सूफियुम सुजायतुम" सहित साउथ की पांच अन्य फिल्मों का भी मंचन किया। "


Thursday, June 25, 2020

जाने क्यों देश का पौराणिक सीरियल 'श्री कृष्णा ' का मॉरीशस में हुआ था प्रीमियर जबकि देश में प्रसारित नहीं हो पा रहा था।

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👉रामानंद सागर द्वारा निर्मित सुप्रसिद्ध सीरियल 'रामायण ' और 'लव कुश ' के बाद 'श्री कृष्णा' देश में बहुत चर्चित और प्रख्यात धारावाहिको में है।

 

✅जाने रामानंद सागर कृत सुप्रसिद्ध सीरियल 'रामायण' के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक धारावाहिक 'श्री कृष्णा' को अपने देश में ही प्रसारित होने में किन किन क़ानूनी प्रपंचो का सामना करना पड़ा जिसके चलते  'श्री कृष्णा' का प्रीमियर अपने देश में न होकर मॉरीशस में हुआ फिर बाद में बहुत दिक्कतों का सामना करने के बाद दूरदर्शन में प्रसारित हुआ।

 

🔰💯रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर द्वारा बताया गया ;-

 

पहली बार जब धारावाहिक 'श्री कृष्ण' दूरदर्शन पर आया था, तब इसके लिए बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। 'रामायण' के बाद साफ निर्देश जारी हो गए थे कि इस तरह का कोई धारावाहिक दूरदर्शन पर न लाया जाए। क्योकि जब 'रामायण' प्रसारित होता था तब देश में ट्रैफिक जाम जैसी स्तिथि निर्मित हो जाती थी जो जहां है वही थम जाता था सब बस 'रामायण' धारावाहिक के दीवाने थे, अपना काम काज सब छोड़कर , चप्पल जूते उतारकर हाथजोड़कर भक्तिभाव में निर्मित भाव से 'रामायण' को देखा करते थे।

'रामायण' के बाद ऐसी जागृति आई कि एलके आडवाणी के रथयात्रा निकालने से लेकर पूरा मूवमेंट स्टार्ट हो गया था। फिर तो पौराणिक शो स्ट्रिक्टली बैन हो गए। उस समय पापा जी और मैं बहुत परेशान थे कि अब करें तो क्या करें?

फिर उपाय निकाला और मार्केट में इसका वीडियो कैसेट लाया गया क्योंकि इसके लिए कोई रोक नहीं थी। मार्केट में यह वीडियो कैसेट खूब बिका। उसके बाद हमने वीडियो रथ निकाला। सबसे पहले हमने उज्जैन महाकाल में वीडियो रथ लॉन्च किया। इसमें हम रथ पर प्रोजेक्टर वगैरह रख कर लोगों से कहते थे कि बड़े पर्दे पर आकर ' श्री कृष्ण' मुफ्त में देखिए। विज्ञापन डालते थे जिससे खर्च निकल आता था।

अब जब इंडिया में ये रिलीज नहीं हो रहा था तो हमने मॉरीशस में इसका वर्ल्ड प्रीमियर किया। वहां राधाकृष्णा का भव्य स्वागत हुआ। मॉरीशस की सड़कों पर जब राधा-कृष्ण चले तो, वहां के लोग अपनी बालकनी से फूलों की बारिश की। इधर इस बात को लेकर इंडिया की पार्लियामेंट में हंगामा हो गया। राज्यसभा में सवाल पूछा गया कि 'श्री कृष्ण' का प्रसारण इंडिया में क्यों नहीं किया जा रहा है?

उसी वक्त चेन्नई की चर्चित एडवरटाइजिंग एजेंसी के आरके स्वामी ने दूरदर्शन के कुछ स्लॉट खरीदे। स्वामी जब मुझसे मिलने आए तब मैंने एक प्लान बनाकर उन्हें दे दिया लेकिन स्वामी से दूरदर्शन वालों ने पूछा ही नहीं कि वे कौन सा शो लेकर आ रहे हैं। इसी दौरान मैंने 'श्री कृष्ण' को सेंसर बोर्ड से पास करवा लिया क्योंकि मैं इसे बैन करने का कोई मौका नहीं देना चाहता था। धारावाहिक रविवार को लॉन्च होना था। गुरुवार को दूरदर्शन ने स्वामी से अखबार में छापने के लिए नाम पूछा तो हंगामा मच गया। दूरदर्शन ने कहा आप सीरियल 'श्री कृष्ण' नहीं ला सकते तो स्वामी ने पूछा कि क्यों नहीं ला सकता? मैंने पूरा प्रोसेस फॉलो किया है? लीगल प्रोसेस पूरी होने के चलते डीडी ? पर 'श्री कृष्ण' लॉन्च हुआ।

 ☑डीडी 2 पर आने के बाद भी इस धारावाहिक को डीडी 1 पर नहीं लाया जा रहा था। बहुत हंगामा हुआ, तमाम चिट्ठियां लिखी गई। हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक केस फाइल हुए। तमाम जद्दोजहद के बाद यह धारावाहिक डीडी 1 पर भी प्रसारित किया गया। कुल मिलाकर धारावाहिक 'श्री कृष्ण' का सबसे पहले वीडियो कैसेट आया, फिर वीडियो रथ, फिर डीडी 2 और अंत में इसे डीड़ी 1 पर प्रसारित किया गया।'

तो अब आप लोग समझ ही गए होंगे की इस देश में पॉलिटिक्स चरम सीमा पर है जो की 'श्री कृष्ण' जैसे धारावाहिक को अपने देश में प्रसारित ही नहीं होने देना चाहती थी। आप लोग स्वं निर्णय कीजिये यदि 'श्री कृष्ण', 'रामायण' जैसे धार्मिक देश की संस्कृति से जुड़े अपने देश वाले नहीं देख पाएंगे तो कही देश के बाहर प्रसारित करना मजबूरी बन जाती है और देशवासियो की बदनसीबी।

आपको हमारी आज की ये पोस्ट कैसे लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें धन्यबाद।।💗


Wednesday, June 24, 2020

How to make a career in agriculture engineering; know what are the employment prospects.

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If you want to make agriculture your career, then there are good job options after engineering in this field. You can do job after diploma or B.Tech. Also you can become an expert in this field by doing post graduation degree M.Tech. 

How to pursue your career in agriculture field know all details about agricultural engineering.

If your interest is in the agricultural field and you want to pursue a career in this field, then agricultural engineering may be the best option for you. Agricultural engineering applies technology in farming. Such as designing new and improved farming equipment, designing and preparing agricultural infrastructure such as water reservoirs, warehouses, dams and other farming structures, making agricultural equipment and parts is their test.

 

Engineers associated with this field try to make farming and related work easier. Apart from this, they also do the work of designing food processing plants and food storage structures. Some engineers also design housing and environments for the flowers, in addition to research on pollution control in large farms. In addition, some agricultural engineers also work on developing new varieties of bio-fuels from non-food resources such as Algi and Agricultural Wastes.

 

Qualification and course

You can do a polytechnic diploma after 10th and 12th to make a career in this field. This is a 3-year diploma course. If you have to do engineering then you can do B.Tech or B.E. For this, you have to pass 12th from Science stream. This is a 4-year graduate course. After this you can do post graduation course ie M.Tech or ME. This is a 2-year course.

 

Entrance exam

To get admission in B.Tech or BE, many private engineering colleges and universities do their entrance exam but after passing some state level and national level tests, you get good colleges which prove to be better for your career.

 

Test for B.Tech / B.E.

1 Indian Council of Agricultural Research All India Entrance Exam

2 Common Engineering Entrance Test, Haryana

3 All India Engineering Entrance Exam

4 Bharath University Engineering Entrance Exam

5 Engineering, Agricultural and Medical Common Entrance Examination

6 Gujarat Common Entrance Test

7 Institute of Technology BHU Entrance Exam

8 National Institute of Technology, Combined Pre-Entrance Test

9 Indian Institute of Technology, Joint Entrance Exam

10 Indian Institute of Technology, Join Admission Test

 

Test for MTech / ME

1 North Eastern Regional Institute of Science and Technology Entrance Exam

2 Indian Council of Agricultural Research All India Entrance Exam

3 Graduate Aptitude Test, Engineering

4 Indian Institute of Technology, Join Admission Test 

 

Top Agricultural Engineering Universities

1 Tamil Nadu Veterinary and Animal Science University, Chennai

2 Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University, Hisar

3 Chandrasekhar Azad Agricultural University

4 Tamil Nadu Agricultural University, Tamil Nadu

5 Central Agricultural University, Manipur

6 Sardar Vallabhbhai Patel University of Agriculture and Technology, Uttar Pradesh

7 Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology

8 Acharya NG Ranga Agricultural University

9 Allahabad University

10 GB Pant University of Agriculture and Technolabs and Recruiters

 

There are good job options for agricultural engineers. About 80 percent of the people in our country do farming, so the job prospects in this field are very high. Most agricultural engineers can easily find jobs in sectors like farming, forestry and food processing. Apart from engineering, these engineers also work in architectural and allied services. Apart from this, there are good job options in the field related to food manufacturing. There are also good options for government jobs in this field. Agricultural Engineers work both indoor and outdoor.

Top Recruitment Company

1 Amul Dairy

2 mother dairy

3 Nestle India

4 frigorifico allana

5 ITC

6 Farming Industry Consultants

7 Agricultural Commodities Processors

8 escorts

9 proagro seed

10 PRADAN


Tuesday, June 23, 2020

Want to invest in mutual funds to save tax? Select, handle the ELSS but be careful

ELSS_Mutual_Fund
ELSS_Mutual_Fund

In this scheme of mutual funds, investment is tax-exempt under Section 80 of the Income Tax Act.


For tax saving, people who want to invest in mutual funds are advised to invest in equity linked saving scheme ie ELSS. In this scheme of mutual funds, investment is tax-exempt under Section 80 of the Income Tax Act. Investors can avail tax rebate by investing Rs 1.5 lakh in these schemes.

 

Investment instruments in which tax can be exempted from investment under section 80 are all government backed investment schemes. But the returns are quite low. Therefore, if you want to take advantage of tax rebate with higher returns, then invest in Equity Linked Savings Scheme ie ELSS.

 

Three year lock in period in ELSS

 

Tax savings mutual funds have a mandatory lock-in period of three years. But this does not mean that you invest for three years. Since it invests in equity only, so invest in ELSS for five to seven years for better returns.

 

Yes, do not invest in ELSS just because it can give better returns in the long term. If you can afford to invest in equity, then you can invest in ELSS. But it is also true that among the options available under section 80C, the lock-in period of three years is in ELSS. That's why many mutual fund advisors consider them the best option for venturing into the world of equity mutual funds. But in the last 10 years, the ELSS mutual fund category has given a return of about 8.46 percent.

 

Therefore, while investing in ELSS, these facts must be kept in mind. ELSS can be helpful in tax savings but due to equity class savings, its risks increase. So, invest in ELSS but also know its risks.

 

👉Take care of tax at the time of investment; more than 1 lakh tax will be saved from these 4 ways 

Taxpayers use section 80C, 80D, 80CCD (1B) and 24 (b) of the highest income tax to save tax.

 

As soon as the dates for filing tax returns are announced, the worry of saving tax starts. Taxpayers use section 80C, 80D, 80CCD (1B) and 24 (b) of the highest income tax to save tax. However, under every section, the government has fixed the investment limit. But by investing under these sections, you can save tax up to more than one lakh rupees.

 

Tax savings under 80C

 

The most popular means of saving tax are investments made under section 80C of income tax. To get discounts under this, you can invest up to one and a half lakhs in some instruments. Under this, premiums of life insurance, equity linked saving scheme i.e. ELSS, public provident fund i.e. PPF, National Savings Certificate, five year notified tax-saving bank deposit, post office five year deposit scheme, senior citizen saving scheme, Sukanya Samriddhi, Investments come in EPF etc. But it should be remembered that the investment limit in all these should not exceed one and a half lakh rupees.

 

Tax savings under 80CCE

 

The investment limit under 80CCE, under 80C, 80CCC (Pension Plans of Insurance Companies) and 80CCD (1) (Applicable in investments in NPS), cannot exceed one and a half lakhs. Actually investment under 80C is not just your tax. It not only reduces the burden but also helps in investing for your long term financial goals.

 

Under 80D, income tax is deducted on investments made in health insurance premiums. Under this, deduction up to a maximum of Rs 25,000 is available. Similarly, 24 (B) gives you tax rebate based on the EMI given under the item of home loan. Investors should prioritize investing on such instruments for their long-term financial goals, so that they can also get tax relief.

 

👉What is Form 15G and 15H? They can take support to avoid tax through these forms; a person tells that his income does not come under the tax net. Therefore tax should not be taken from him.

 

New Delhi: By filling Form 15G and 15H, you can avoid TDS deduction on income. Through these forms, a person tells that his income does not come under the tax net, so tax should not be taken from him. 15H is for senior citizens of 60 years and above, while 15G can be filled by others. Some banks provide the facility to fill these forms through their website.

 

These forms are valid for one year only

 

Form 15G and 15H are valid for the same year, so these forms should be filled at the beginning of every financial year. With this, banks will not deduct TDS in your interest income. This time due to coronavirus infection, taxpayers would not be able to fill these forms on April 1, 2020, so the last date for filling them has now been extended to June 30, 2020. However, these forms can be submitted by the first week of July.

 

They can fill in Form 15 G

-Person or Hindu undivided family or any trust but not company or firm.

- Any Indian resident.

-Whose age is below 60 years

-Tax calculation on total income should be zero.

- Total income from interest is less than 2.5 lakhs during the financial year

 

They can fill in Form 15H

 

-A person and Indian resident.

-You are a senior citizen and the year you fill the form, that year you are turning 60 years old.

- Tax calculation on your income is zero.

 

These forms do not have to be filled with the Income Tax Department. Submit them to your tax deductor (e.g. your company or employer). At the same time, prepare these forms and submit them to the Income Tax Department. If your income is more than 2.5 lakh rupees then do not deliberately submit these forms. Since the PAN number has to be written in these forms, then action can be taken if you come under the taxable income.


Sunday, June 14, 2020

सुशांत सिंह राजपूत : दि अनटोल्ड स्टोरी !

जानिए सुशांत सिंह राजपूत अभिनेता के बारे में वो सब जो आप जानना चाहते है पर्सनल लाइफ ,करियर ,डांस,फिल्म,टेलीविजन ,जन्म, मृत्यु  !

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सुशांत सिंह राजपूत (21 जनवरी 1986 - 14 जून 2020) एक भारतीय अभिनेता, डांसर , उद्यमी और परोपकारी व्यक्ति थे। सुशांत राजपूत ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन धारावाहिकों से की। उनका पहला शो स्टार प्लस का रोमांटिक ड्रामा किस देश में है मेरा दिल (2008) था, इसके बाद ज़ी टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक पवित्र रिश्ता (2009-11) में पुरस्कार विजेता प्रदर्शन किया था।

 

राजपूत ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत दोस्त ड्रामा काई पो चे में की थी! (2013), जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन मिला। फिर उन्होंने रोमांटिक कॉमेडी शुद्ध देसी रोमांस (2013) में अभिनय किया और एक्शन थ्रिलर डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी में टाइटुलर जासूस के रूप में! (2015)। उनकी सबसे अधिक कमाई वाली फिल्में व्यंग्य पीके (2014) में सहायक भूमिका के साथ आईं, इसके बाद स्पोर्ट्स बायोपिक एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी (2016)। इसमें अच्छे परफॉरमेंस  के लिए, उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्मफेयर अवार्ड के लिए अपना पहला नामांकन मिला। राजपूत व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों केदारनाथ (2018) और छिछोरे (2019) में भी अभिनय किया। 

 14 जून 2020 में, 34 वर्ष की आयु में, राजपूत की मुंबई के बांद्रा में अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई। 

Friday, June 12, 2020

'वन नेशन, वन राशन' योजना (ONOR Scheme)-Gov India

'वन नेशन, वन राशन' योजना (ONOR Scheme)-Gov India

प्रवासी मजदूरों को खाद्य सुरक्षा देने की सरकार की योजनाए कितनी कारगर है। 

'वन नेशन, वन राशन' की कामयाबी में अभी कई बाधाये है। 

कोरोना के इस समय में शहरों में काम करने बाले मजदूर, फिर चाहे वे गांव पहुंच गए हों या शहर में ही हो, सभी का खाद्य सुरक्षा का कोई खास ठिकाना नहीं है। मीडिया ने जब उनकी व्यथा उजागर की तो सरकार पर दबाव बना कि उनके लिए कुल करे। कुछ सप्ताह बीतने के बाद, केंद्र सरकार ने घोषणा की कि आगे जाकर ऐसे मजदूरों के लिए 'वन नेशन, वन राशन' योजना लाने जा रही है। वन नेशन, वन राशन (ओएनओआर) में प्रस्तावित है कि कोई भी मति देश के किसी भी जन वितरण प्रणाली दिपो से राशन ले सकता है। इससे उम्मीद की जा रही है कि शहर में बसे मजदूरों को राहत मिलेगी। हालांकि ओएनओआर सुनने में तो बढ़िया कदम लगता है, लेकिन इसकी वास्तविकता कुछ और ही है।

पहली बात, शहर में फंसे कई मजदूरों का राशन कार्ड ही नहीं है , ना शहर में ना गांव में। उन्हें ओएनओआर से क्या फायदा?

दुसरी बात, जिन मजदूरों के कार्ड  है भी उनमें से सब परिवार सहित शहर काम करने नहीं आते। वे राशन कार्ड घर/गांव  रख कर आते हैं, क्योंकि घरवाले उसे गांव में इस्तेमाल करते हैं। जिनके हाथ राशनकार्ड न हो उन्हें ओएनओआर से क्या फायदा? फिर चार लोगों के परिवार से, एक मजदूर शहर जाता है। यदि वह शहर में राशन ले और डीलर केवल उसका चढाने के बजाय चरों का चढ़ा दे, तो ?

जब घरवाले गांव  में खरीदने जायेंगे , तो उन्हें कहा जाएगा कि चारों का कोटा उठा लिया गया है। मजदूर और परिवार शिकायत कहां करेंगे?

तीसरी बात यह है कि तमिलनाडू, हिमाचल प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश में जन वितरण प्रणाली से राज्य के बजट से लोगों को दाल और तेल भी मिलते हैं। जब झारखंड का मजदूर तमिलनाडु  में खरीदने जाएगा, उसे यह मिलेंगे ? सवाल यह भी है कि कुछ राज्य खाद्य सुरक्षा कानून के दामों पर राशन देते हैं (रू. 2 प्रति किलो गेहू और रू. 3 प्रति किलो चावल) लेकिन कुछ राज्य इसके ऊपर अपनी सब्सिडी देते है। उदहारण के लिए, तमिलनाडु में चावल मुफ्त है, बिहार में रू. 3 प्रति किलो, ओडिशा में रू. 1 प्रति किलो। चेन्नई में काम कर रहे बिहार मजदूर को बिहार की तरह सेंट्रल रेट से दिया जाएगा  या मुफ्त ? फ्री दिया गया तो खर्च कौन उठाएगा , केंद्र या  राज्य ? राज्य सरकारों में समन्वय कैसे बैठाएंगे ।

 

चौथी बात , राजस्थान में गेहू ही देते है। बिहार, झारखण्ड,ओडिशा के मजदूर चावल खाते हैं और उनके राज्यों में जन वितरण प्रणाली में चावल मिलता है। तो क्या इन मजदूरों को राजस्थान में गेहू से काम चालन होगा?

पांचवा मुद्दा राशन की सप्लाई  से जुड़ा है। अभी की प्रणाली में हर राशन दूकान को तय मात्रा में राशन मिलता है। एक राशन दुकान में कितने  राशन  कार्ड और व्यक्ति  जुड़े हुए हैं, उससे सप्लाई निर्धारित होती है।

 यदि दिल्ली की राशन दुकान पर राजस्थान का मजदूर पहुँचता है तो डीलर के पास अपने कार्ड धारकों के लिए राशन जाता है । क्या इसमें उनके साथ ठगी की जा सकती है (डीलर कह सकता है, 'माल ख़त्म हो गया' )?

छठा मुद्दा है  तकनीक का। तकनीकी रूप से यह संभव है , लेकिन इसकी व्यवहारिकता पर सवाल है।  ओएनओआर तकनीकी समाधान में आधार की अहम भूमिका रहेगी । जिन राज्यों ने जन वितरण प्रणाली में आधार को जोड़ा है,वहां लोगों का नुकसान हुआ है। इसलिए संवेदनशील सरकारों ने कोरोना संकट के आते ही, राशन लेते समय आधार की अनिवारियता  हटा दी। अब उस ही नुकसानदेह आधार - बायोमेट्रिक को , लोगों की मदद करने की नाम पर वापस लाया जायेगा।

'वन नेशन, वन राशन' योजना लोगों का दिल बहलाने लिए और असली मुद्दे से ध्यान भटकने के लिए बढ़िया उपाय है। इसकी वास्तविकता ऐसी हो सकती है कि आज जो जन वितरण प्रणाली देशभर में लोगों के लिए जीवनरेखा  बनी हुयी है, कल वह पटरी से न उतर जाए।


Thursday, June 11, 2020

अपने देश का नाम क्या होना चाहिए- भारत या इंडिया।

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इंडिया का नाम भारत ही क्यों मेलुहा या आर्यावर्त न कर दें!

एक बार फिर इंडिया का नाम बदलकर भारत करने की मांग की जा रही है , पर यह मांग कितनी उचित है ?

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत रखने की मांग की गई। तर्क दिया गया कि भारत नाम से भारतीयों में राष्ट्रभक्ति और गर्व की भावना बढ़ेगी। इसके समर्थन में किए गए अधिकांश ट्वीट्स में कहा गया कि इंडिया अंग्रेजों का दिया हुआ नाम है, जबकि भारत असली नाम है।

हम आज स्वतंत्र राष्ट्र हैं, ऐसे में अपने इतिहास में जरूरी संशोधन करने चाहिए, अपनी प्राचीन संस्कृति को पुनर्जीवित करना चाहिए और औपनिवेशिक अतीत की याद दिलाती हर चीज को हटा देना चाहिए। यह साफ है कि राष्ट्रवाद को खोजते हुए नए समय में प्रवेश कर रहे हैं। अब मेक इन इंडिया को मेक इन भारत हो जाना चाहिए। और जो भी चीजें मेड इन भारत नहीं है उन्हें खारिज कर देना चाहिए। संक्षेप में कहें तो यह वैश्वीकरण की खोज का अंत होगा और महाशक्ति बनने के सपने का भी।

यह नया नहीं है। इसी के लिए हमने ब्रिटिश काल की कुछ नावाब मूर्तियों हटा दी, जिनमें काला घोड़ा में लंदन के मूर्तिकार सर जोसेफ बोहेम द्वारा बनाई एडवर्ड सप्तम  की मूर्ति भी शामिल थी। हम भूल जाते है कि बॉम्बे को यह तोहफा इस शहर को बसाने में योगदान देने वाले ससून परिवार ने दिया था। सर अल्बर्ट ससून बगदादी-यहूदी समुदाय के थे, जिन्होंने डॉ. भाऊ दाजी लाड म्यूजियम, द गेटवे ऑफ इंडिया, द बैंक ऑफ इंडिया, मसिना हॉस्पिटल और ससून डॉक बनवाए। मुंबई के काला घोड़ा स्थित डेबिड ससून पब्लिक लाइबेरी भी उन्होंने ही बनवाई।

 

लेकिन अब महान लोगों के नाम पर महान संस्थाएं बनाने के बजाय हम मूर्तियां बना रहे हैं, जो अधिकांश दिवंगत नेताओं की होती हैं। मूर्तियों की तरफ देखो तो लगता है कि ये संदेहभरी नजरों से देख रही हैं। मुझे आश्चर्य होता है कि आखिर क्यों इन मूर्तियों की जगह हम देश की महान कलात्मक परंपराओं, नायाब कृतियों को स्थापित नहीं कर सकते। इसका सबसे अच्छा उदाहरण देवीप्रसाद रायचौधरी की बनाई कलाकृति दांडी मार्च है, यह कृति इतिहास की महान घटना की साक्षी होने के साथ एक बहुत उत्कृष्ट कलाकृति भी है। मैं जितना प्रशंसक सरदार वल्लभ भाई पटेल का है, उतना शायद उनकी मूर्ति का नहीं हूँ। एक मूर्ति पर तीन हजार करोड़ रू. खर्च करना मेरी समझ से परे है।

 

ऐसा सिर्फ मूर्तियों के साथ नहीं है। सड़कों का नाम बदलकर दिवंगत नेताओं के नाम पर रख देते हैं। एक वक्त था जब नेहरू, इंदिरा और राजीव के नाम पर हजार से ज्यादा योजनाएं, संस्थाएं, ट्रस्ट थे। इसके लिए गांधी परिवार के चाटुकार जिम्मेदार थे। दुर्भाग्य से उन्हीं के नक्शे-कदम पर चलने वालों ने इस परंपरा को भी आगे बढ़ाया। वे भी अब मूर्तियां बना रहे हैं, सड़कों के नाम बदल रहे हैं, राजनीतिक नायकों के नाम पर संस्थाएं बना रहे हैं। कई बार तो यह ज्यादा हो जाता है। मुंबई में ही सुभाष चंद्र बोस के नाम पर दो मार्ग हैं। अगर खोजू तो शायद तीसरा भी मिल जाए।

 

इन नेताओं की जगह क्या हम अपनी कल-संस्कृति को बदल नहीं दे सकते? बरली सीफ्रंट  पर आरके लक्ष्मण के कॉमन मैन वाली मूर्ति इसका अच्छा उदाहरण है। इस तरह की आर्ट लोगों को प्रेरित करने के साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करती है। ये कृतियां समय से परे होती हैं, लेकिन नेताओं के साथ ऐसा नहीं है। नेता आते-जाते रहते हैं, कई बार तो सवालों से भरी विरासत छोड़ जाते हैं। क्या हम मूर्तियों के बिना नहीं रह सकते? बिल्कुल रह सकते हैं। आज की पीढ़ी तो इन नेताओं को पहचानती तक नहीं और ना ही जानना चाहती है।

 

अब जो भी चीजें मेड इन भारत नहीं है उन्हें खारिज कर देना चाहिए। संक्षेप में कहें तो यह वैश्वीकरण की खोज का अंत होगा और महाशक्ति बनने के सपने का भी।

 

हम सड़कों का नाम संगीत, साहित्य, विज्ञान या कला की महान खोजों पर क्यों नहीं रख सकते ? सोचें किसी सड़क का नाम कालिदास को मेघदूत के नाम पर हो या फिर गीतांजलि रोड हो, जिस कृति ने टैगोर को नोबेल दिलाया। या महात्मा गांधी को समर्पित रवि शंकर की राग 'मोहन कोन्स रोड' या संत तुकाराम की भक्ति कविता के नाम पर अभंग रोड। मैं जहां रहता हूँ और जिनके नाम से वह मार्ग है, उन्हें जानने

के लिए मुझे गूगल की मदद लेनी पड़ी। पता चला वह कोई आईसीएस अधिकारी थे, जिन्हें नेहरू ने आरबीआई गवर्नर बनाया और बाद में वित्त मंत्री बने। क्या वाकई ऐसे किसी शख्स के नाम के मार्ग की हमें जरूरत है? अधिकांश भारतीय यही कहेंगे कि किसी आरबीआई गवर्नर को अपनी वादों में रखने से बेहतर है इन कलाकृतियों को याद रखा जाए।

अब वापस आते हैं, जहां से मैंने बात शुरू की थी। इंडिया या भारत? यह सवाल ही अजीब है। ऐसा है तो और पीछे जाकर क्यों न हम इसका नाम मेलुहा या आर्यावर्त  रख दें। लेकिन हमें तथ्यों पर भी बात होनी चाहिए। इंडिया नाम अंग्रेजों ने नहीं दिया। यह सिंधु (इंडस) नदी से लिया गया।

इस नाम का इस्तेमाल हिरोडोटस के समय से ग्रीक और पर्शियन इतिहास में होता आ रहा है। यह पंचवी सदी ईसा पूर्व की बात है। इंडिया आजाद हुआ था ना कि भारत। फिर भी अपनी अपनी सोच की बात है हम तो इसे भारत माँ भी कहते है और हिन्दुस्तान भी इसलिए हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगते है। पर गौर करने वाली बात तो ये है भारतीय संविधान में अपने देश के आधिकारिक नाम भारत या इंडिया के बारे में नहीं लिखा ऑन राइटिंग।


Tuesday, June 9, 2020

Know - if your WhatsApp number is visible in Google search, then what is the matter of concern?

WhatsApp_number_in_Google search


Key Highlights;-

1. WhatsApp's 'click to chat' feature is in the circle of questions nowadays. A research has called this flaw a data leak.

2. Do not forget the Smartphone in this way Factory Reset may have to suffer heavy losses.

3. Do you have to Format the phone? But worried about backup, know what is the solution.

 

A feature of popular instant messaging app WhatsApp is very much discussed today. The reason for this is that the phone number of the users using the 'click to chat' feature is visible in the Google search result. Actually, a link is created through click to chat feature and users can connect with their friends or family members. Google click to chat feature extracts the phone number from the metadata of the link, after which it starts appearing in the Google search index.

 

A research has called this flaw a data leak. It is claimed that the phone numbers of three lakh WhatsApp users have become public. However, this issue is not as serious as it is being told, because only the phone number of the users shows in the Google search index, which has chosen the option to make the URL public. Also, the person's name or other personal information is also not visible on Google search.

 

What is 'click to chat' feature?

WhatsApp's 'click to chat' feature allows users to create a URL or link. Through this, anyone can directly connect to your WhatsApp profile. There is no need to save the number of the person chatting. Chatting or calling from other person can be done via direct link on messaging app.

 

The 'click to chat' feature is being used by most traders to grow their business. Many merchants offer their customers the option to join without the need to save their number.

 

The problem of showing the user's mobile number on the Google search index was first reported by WhatsApp's feature tracker WaBetaInfo in February this year. Since then, the issue is under discussion because through links random people could join private groups without permission.

 

➤Do not forget the smart phone in this way Factory Reset, may have to suffer heavy losses

Resetting the phone makes the phone look like new. So it should not be forgotten to back up the phone before doing a factory reset.

 

Nowadays Smartphone’s start to hang a lot and to get rid of this problem, we factory reset our phone. Factory reset deletes all the data of the mobile and becomes like new again, but it is very important to take care of some things while doing factory reset. Let us tell you what to keep in mind while resetting the phone.

 

Data will be deleted

Before resetting your smart phone to factory, know that it will delete your phone's entire data. With apps, the existing apps, data, settings, passwords in the phone will be deleted. After factory reset, your phone will be exactly like it is new.

 

Back up completely

Whenever you reset your smart phone to factory, then before that, backup the data required by the phone. You can save your data by connecting it to another smart phone or phone to laptop. Apart from this, you save your data in memory card. After this, go to Settings and save your phone's data in the memory card as a backup.

 

How to do factory reset

Remember that the operating system of every smart phone is different and hence resetting every phone also has different settings. So to reset the phone, go to its settings, go to the privacy or backup and reset option and select the factory reset. After this, choose Reset Phone. Your phone will be reset.

 

Do not reset frequently

But repeatedly resetting the phone to the factory has an adverse effect on internal storage. Therefore, reset the factory only when it is very important.

 

Do you have to Format the phone? But worried about backup, know what is the solution.

We are worried about the data backup of the phone before formatting the phone. We will tell you how to back up messages or other data before formatting the phone.

 

Often we need to reset or format our phone. But in the meantime, we are worried about contact and backup of SMS. Before resetting the phone, we make arrangements for backup of his photos, videos, but it is not so easy to backup the SMS. Today we will tell you how to backup the message.

 

We can back up our messages and contacts with the help of third party app. download a third-party backup app in the phone, which will be helpful in backing up many types of data along with your message. Apart from this, backup can also be done by synchronizing the contacts.

 

Make work easy with the help of these steps: 

  • To take backup first of all a user must download a third party app from Play Store.
  • Now when you install the app and open it, then it will see the contact, message or other data backup category.
  • Now select the backup you need.
  • Now the backup file will be saved in your phone. Save it in the mail or any other place.
  • After doing this you can feel free to reset the phone. Later, install the same app and reinstall the backup data again. 


Sunday, June 7, 2020

Changes in ITR rules, know this before filing tax return:

Changes in ITR rules

ITR-1 Sahej form Changes, Know what new information needs to be filled

There has been some change in the ITR-1 Sahaj form issued for assessment year 2020-21 and some new information has been sought in it. This time many changes have been made to fill the income tax return. This time some ITR forms have been changed. Along with this, it has been made mandatory to give separate information about the investment for the first quarter of the financial year 2020-21.

 

The Income Tax Department has released the Income Tax Return Forms for the financial year 2019-20 ie assessment year 2020-21. The Income Tax Department has notified the return form ITR 1 Sahaj, 2, 3, 4 Sugam, 5, 6, 7 and ITR-V. But this time, little change has been made in ITR-1 Sahaj form and some new information has been sought in it. You will have to fill this form accordingly. This form is available on the income tax department website.

 

You will have to fill the details of your salary, pension income. You have to give information about the income or loss from a house property. Information about income from family pension and income from other sources has to be given.

 

Let's see what made changes are as follows;

 

1. If there is income from domestic companies in the form of dividend, then it comes under the tax net. Therefore, you will not be able to fill ITR through ITR-1 i.e. Sahaj Form.

 

2. If there is a joint ownership in the house property, then ITR-1 cannot fill ITR through Sahaj or ITR-4.

 

3. Taxpayer will have to give information about current account deposit, foreign travel and electricity bill. Under this, if you have deposited more than one crore rupees in one or more current account in a bank or co-operative bank, then it has to be given information.

 

4. If you have spent two lakh rupees or more on foreign travel in the financial year 2019-20, then it has to be given information. Also, if you have given electricity bill of one lakh rupees or more, then it will also have to be mentioned in the form.

 

Due to the extraordinary situation arising from the coronavirus, this time the investment period has been extended to give exemption on many tax savings instruments. Now such investment made till June 30 will get tax exemption and there will be space for referring it. These include exemptions under 80C such as rebate on investments made on LIC, PPF and NSC. Deductions will be earned on investments made under 80D (Mediclaim) and 80G (donation). Therefore, take advantage of the provisions made due to this change in the new form.

 

Under this, investments in LIC, PPF, and National Savings Certificate are included. These are exempted under 80C. Health insurance and donation get tax exemption under 80D and 80G respectively. In this, the period for taking advantage of tax rebate has also been extended to 30 June 2020.

 

In order to take advantage of the investment rebate for the financial year 2019-20 in the new form, separate information has to be given about the investment made in the first quarter of 2020-21.

 

Pre-validation of bank account required for income tax refund, do this work from home; 

For pre-validation of bank account, it is necessary that your PAN is linked to the bank account. 

The time has come to file income tax returns. If the Income Tax Department has taken more tax from you and you need to get a refund, you must get your bank account valid beforehand. Central processing center of income tax i.e. CPC will send you the refund in this account. You can also pre-validate your bank account online. The Income Tax Department has uploaded a video on its own and has given information about how you can validate your bank account sitting at home. Let us see how you can execute the bank-account re-validation required for income tax refund.

 

1. First of all, log on to Income Tax India's income tax filing website (http://www.incometaxindiaefiling.gov.in). Open it with user ID. User ID will be your PAN number. 

2. After login, go to profile settings and choose the option of pre-validate your bank account here. 

3. If you have another bank account already valid, then it will appear on the screen. If there is no account valid and you want refund in it, then click Add. 

4. Add click will open a new page. In this, you will have to fill the bank account number, IFSC, bank name, mobile number, bank branch name, email ID. Fill the same mobile number that you use in transaction with the bank. 

5. Now you click on Pre Validate. On the screen, the message of submitting pre valid bank account request will come. Its status will come on your mail and on SMS. You can check the status by going to the profile settings option in the income tax e-filing website. 

For pre-validation of bank account, it is necessary that your PAN is linked to the bank account. Without this, the refund will not come in your bank account.


गरीब,लावारिस व असहायों का मसीहा - मोक्ष संस्थापक श्री आशीष ठाकुर । (Part-01)

गरीब,लावारिस व असहाय लोगों का मसीहा - मोक्ष संस्थापक श्री आशीष ठाकुर । छू ले आसमां जमीन की तलाश ना कर , जी ले जिंदगी ख़ुशी की तलाश ना कर , ...